श्री केतु यंत्र केतु ग्रह से संबंधित अत्यंत शुभ और प्रभावशाली यंत्र है। यह यंत्र जीवन में मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति, रोग निवारण, बाधाओं का निवारण और धन-संपत्ति में वृद्धि के लिए स्थापित किया जाता है। जिन लोगों की कुंडली में केतु दोष होता है या जो अचानक जीवन में संकट और बाधाओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह यंत्र अत्यंत लाभकारी है। मुख्य लाभ: केतु दोष का निवारण मानसिक शांति और तनाव कम करना स्वास्थ्य और रोग निवारण आध्यात्मिक उन्नति और ध्यान में सहायता जीवन में बाधाओं और संकटों से सुरक्षा स्थापना विधि: गुरुवार या शनिवार के दिन यंत्र को स्वच्छ स्थान पर रखें। दीपक और अगरबत्ती जलाएं। “ॐ केतवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। नियमित पूजा और ध्यान से यंत्र की ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक प्रभाव आता है। ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) प्रश्न 1: श्री केतु यंत्र किसके लिए उपयोगी है? उत्तर: यह यंत्र उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी कुंडली में केतु दोष है या जो जीवन में अचानक संकट और बाधाओं का सामना कर रहे हैं। प्रश्न 2: यंत्र को कहाँ स्थापित करना चाहिए? उत्तर: इसे पूजा स्थल में उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ होता है। प्रश्न 3: यंत्र की पूजा कब करनी चाहिए? उत्तर: गुरुवार या शनिवार के दिन दीपक जलाकर और मंत्र जाप करके नियमित पूजा करना लाभकारी है। प्रश्न 4: क्या यह यंत्र सभी लोगों के लिए लाभकारी है? उत्तर: हाँ, यह यंत्र प्रत्येक व्यक्ति के लिए लाभकारी है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिनके जीवन में बाधाएँ और नकारात्मक प्रभाव हैं।