श्री बुध यंत्र बुद्ध ग्रह से संबंधित अत्यंत शुभ और प्रभावशाली यंत्र है। यह यंत्र बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, व्यापारिक सफलता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए स्थापित किया जाता है। जिनकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए यह यंत्र अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। इस यंत्र की साधना से व्यक्ति की वाणी में मधुरता आती है, निर्णय क्षमता बढ़ती है और व्यापार में सफलता मिलती है। मुख्य लाभ: बुद्धि, वाणी और स्मरण शक्ति में वृद्धि व्यापार और आर्थिक लाभ में वृद्धि बुध ग्रह के दोषों का निवारण शिक्षा और लेखन कार्य में सफलता मानसिक शांति और तर्कशक्ति की वृद्धि स्थापना विधि: बुधवार के दिन स्नान कर हरे वस्त्र पहनें। यंत्र को गंगाजल से शुद्ध कर हरे कपड़े पर रखें। तुलसी पत्ते, हरी मूंग और हरे फूल अर्पित करें। “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें और यंत्र को पूजा स्थल में स्थापित करें। ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) प्रश्न 1: श्री बुध यंत्र किसके लिए उपयोगी है? उत्तर: यह यंत्र उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनका बुध ग्रह कमजोर है या जिन्हें निर्णय लेने, संचार या व्यापार में कठिनाई हो रही है। प्रश्न 2: श्री बुध यंत्र को कहाँ स्थापित करना चाहिए? उत्तर: इसे घर या ऑफिस के पूजा स्थल में उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ होता है। प्रश्न 3: श्री बुध यंत्र की स्थापना का शुभ दिन कौन-सा है? उत्तर: बुधवार का दिन इस यंत्र की स्थापना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। प्रश्न 4: क्या श्री बुध यंत्र शिक्षा के लिए भी उपयोगी है? उत्तर: हाँ, यह यंत्र छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाता है। प्रश्न 5: क्या इस यंत्र की पूजा रोज करनी चाहिए? उत्तर: रोजाना यंत्र के सामने दीपक जलाना और बुध देव का ध्यान करना अत्यंत शुभ परिणाम देता है।