श्री बृहस्पति यंत्र गुरु ग्रह से संबंधित अत्यंत शुभ और प्रभावशाली यंत्र है। यह यंत्र विद्या, बुद्धि, ज्ञान, सम्मान और धन की प्राप्ति के लिए स्थापित किया जाता है। जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर होता है या जिनकी शिक्षा, विवाह या करियर में बाधाएँ आती हैं, उनके लिए यह यंत्र अत्यंत लाभकारी होता है। इस यंत्र की स्थापना से जीवन में स्थिरता, सफलता और सौभाग्य प्राप्त होता है। मुख्य लाभ: विद्या, ज्ञान और शिक्षा में प्रगति करियर और व्यवसाय में सफलता विवाह में आने वाली बाधाओं का निवारण पारिवारिक सुख और मानसिक शांति में वृद्धि गुरु ग्रह के दोषों का निवारण स्थापना विधि: गुरुवार के दिन स्नान कर पीले वस्त्र पहनें। यंत्र को गंगाजल से शुद्ध कर पीले कपड़े पर रखें। हल्दी, चंदन, और पीले फूलों से पूजा करें और “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। पूजा के बाद यंत्र को अपने पूजा स्थान में स्थापित करें। ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) प्रश्न 1: श्री बृहस्पति यंत्र किसके लिए उपयोगी है? उत्तर: यह यंत्र उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनका गुरु ग्रह कमजोर है या जो शिक्षा, करियर और वैवाहिक जीवन में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। प्रश्न 2: श्री बृहस्पति यंत्र को कहाँ स्थापित करना चाहिए? उत्तर: इसे पूजा स्थल या कार्यालय में उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ होता है। प्रश्न 3: इस यंत्र की स्थापना का शुभ दिन कौन-सा है? उत्तर: गुरुवार का दिन इस यंत्र की स्थापना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। प्रश्न 4: क्या इस यंत्र की पूजा रोज करनी होती है? उत्तर: हाँ, नियमित रूप से गुरुवार के दिन पूजा करना और यंत्र के सामने दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है। प्रश्न 5: श्री बृहस्पति यंत्र के क्या विशेष लाभ हैं? उत्तर: यह यंत्र गुरु दोष का निवारण करता है, ज्ञान में वृद्धि करता है, और जीवन में सफलता एवं सम्मान दिलाता है।