नीलम (Blue Sapphire) एक अत्यंत शक्तिशाली और कीमती रत्न है, जो नील रंग का कोरन्डम (Corundum) खनिज होता है। इसे संस्कृत में नीलमणि कहा जाता है। यह मुख्य रूप से शनि ग्रह (Saturn) से संबंधित है और वैदिक ज्योतिष में शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए धारण किया जाता है। मुख्य विशेषताएँ: रंग: गहरा नीला, हल्का नीला या आसमानी नीला ग्रह: शनि (Saturn) जन्म रत्न: सितम्बर (September Birthstone) धातु: चाँदी, प्लैटिनम या सोना पहनने का दिन: शनिवार लाभ: मानसिक स्थिरता, आर्थिक उन्नति, एकाग्रता, करियर और स्वास्थ्य लाभ लाभ (Benefits): व्यापार और करियर में प्रगति धन और समृद्धि में वृद्धि मानसिक शांति और एकाग्रता शत्रुओं से रक्षा और कानूनी मामलों में जीत सेहत में सुधार और रोगों से बचाव FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) प्रश्न 1: नीलम किसे पहनना चाहिए? उत्तर: नीलम मुख्य रूप से उन लोगों को पहनना चाहिए जिनकी कुंडली में शनि ग्रह मजबूत या शुभ स्थिति में हो। हमेशा ज्योतिषी की सलाह लेने के बाद ही पहनें। प्रश्न 2: नीलम पहनने का सही दिन और समय क्या है? उत्तर: शनिवार के दिन, सूर्योदय के समय या शुभ मुहूर्त में नीलम धारण करना सबसे अच्छा माना जाता है। प्रश्न 3: नीलम को किस धातु में पहनना चाहिए? उत्तर: नीलम को चाँदी, प्लैटिनम या सोने में जड़वाकर पहनना चाहिए। प्रश्न 4: नीलम के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं क्या? उत्तर: हाँ, यदि यह बिना ज्योतिषीय सलाह के पहन लिया जाए तो नकारात्मक प्रभाव भी दिखा सकता है। इसलिए नीलम धारण करने से पहले ज्योतिषीय परीक्षण आवश्यक है। प्रश्न 5: नीलम असली है या नकली, इसे कैसे पहचानें? उत्तर: असली नीलम पारदर्शी होता है, उसमें किसी तरह के बुलबुले नहीं होते। नकली नीलम काँच जैसा दिख सकता है और बहुत हल्का होता है। हमेशा विश्वसनीय जेम्स डीलर से खरीदें।